
सरोल (चंबा)। हरिपुर पंचायत के गांव सपलोग के घरों को सड़क के जल निकासी पाइप से खतरा पैदा हो गया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने उपायुक्त को पत्र लिखकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव के ऊपर से चंबा-तीसा सड़क जाती है। इस सड़क की जल निकासी के लिए काफी समय पहले एक सीमेंटेड पाइप लगाई गई थी। यह काफी समय से बंद थी, मगर विभाग इसे शुरू कर दिया है। इसके कारण यहां से आने वाला पानी गांव के घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने इसे बंद करने की मांग की है। ग्रामीणों राकेश कुमार, कौशल्या देवी, चंद्रकांता, संजीव कुमार, खेलो देवी, पुष्पा देवी, शारदा, आत्मा राम, हेमंत कुमार, नारदेई, प्रिंस, ममता, हंसो देवी, शांति देवी, शीला देवी, महिंद्र राज, अंजना कुमारी, कृष्ण कुमार व विनोद कुमार ने बताया कि चंबा-तीसा सड़क का निर्माण करीब 45 साल पूर्व हुआ था। उस समय गांव में लगभग पांच ही मकान थे। मौजूदा समय में सपलोग गांव में लगभग 18 मकान बच चुके हैं। गांव के ठीक ऊपर सड़क के पानी का स्त्रोत होने के कारण लोनिवि ने पानी की निकासी हेतु एक स्कपर का निर्माण किया था। यह स्कपर लगभग 25 सालों से बंद पड़ा था। उन्होंने कहा कि लोनिवि इसे दोबारा खोलने जा रहा है। इसके चालू होने से सपलोग गांव को खतरा पैदा हो जाएगा। सड़क का पानी नाली में डाला गया तो वह सारा पानी उनके मकानाें में घुस जाएगा। वही पानी काफी मात्रा में इकट्ठा होकर गांव में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर देगा। साथ ही मकानों को भी क्षति पहुंचाएगा। उन्होंने उपायुक्त से गुहार लगाई है कि इस समस्या को ध्यान में रखते हुए वह स्वयं मौके का निरीक्षण करके स्थिति का जायजा लें। उन्होंने मांग की है कि जब तक कोई बड़ा प्रशासनिक अधिकारी गांव का मौका नहीं करता है, तब तक लोनिवि के स्कपर खोलने के कार्य को बंद करवा दिया जाए।
उधर, पीडब्ल्यूडी के एसडीओ जीत सिंह ठाकुर ने बताया कि यह स्कपर सड़क को पानी की मार से बचाने के लिए लगाया गया था। इसे अनाधिकृत तरीके से बंद कर दिया गया था। इससे सड़क को नुकसान पहुंच रहा था। सड़क को नुकसान से बचाने के लिए इसे खोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल निकासी वाली जगह पर घर बनाने से पहले लोगों को इससे होने वाले नुकसान का ध्यान रखना चाहिए था।
